यूरिन ड्रग टेस्ट, जिसे यूरिन ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट भी कहा जाता है, पेशाब में कुछ खास नशीली दवाओं या उनके अंश (मेटाबोलाइट) को पहचानने के लिए किया जाता है। इसमें हेरोइन या कोकीन जैसे गैरकानूनी नशीले पदार्थों का इस्तेमाल, और दवाओं के गलत इस्तेमाल दोनों शामिल हैं। दवा का गलत इस्तेमाल तब होता है, जब कोई दवा डॉक्टर के बताए तरीके से अलग तरह से ली जाए या असुरक्षित तरीके से ली जाए, जैसे दर्द की दवा सलाह से ज़्यादा मात्रा में लेना।
इस तरह के टेस्ट का सबसे आम कारण नौकरी से जुड़ी जांच है। कंपनियां अक्सर ड्रग एब्यूज़ यूरिन टेस्ट तब कराती हैं, जब नौकरी के लिए उम्मीदवारों की जांच करनी हो, मौजूदा कर्मचारियों की समय-समय पर या रैंडम जांच करनी हो, या किसी ऐसी घटना की जांच करनी हो, जहां नशीली दवा के इस्तेमाल का शक हो। यह समझना ज़रूरी है कि यह टेस्ट सिर्फ यह बताता है कि हाल में या पहले कभी नशीली दवा का इस्तेमाल हुआ है या नहीं; यह मौजूदा नशे की हालत या लत की पुष्टि नहीं करता।
अलग-अलग नशीले पदार्थों के लिए शरीर में पता चलने का समय अलग-अलग होता है, जो कुछ दिनों से लेकर कई हफ्तों या कुछ मामलों में उससे भी ज़्यादा हो सकता है। यह कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे कितनी मात्रा में दवा ली गई, कितनी बार ली गई, और शरीर उसे कितनी जल्दी बाहर निकाल पाता है।
यूरिन ड्रग टेस्ट कब कराया जाता है?
यूरिन ड्रग टेस्ट कई जगहों पर आम तौर पर कराया जाता है, जैसे ऑफिस, सेना, और खेल से जुड़ी संस्थाओं में। यह कानूनी जांच या कोर्ट के आदेश पर भी कराया जा सकता है, ताकि नशे की लत के इलाज के दौरान दोबारा नशा करने के खतरे को समझा जा सके, या यह देखा जा सके कि मरीज़ बताई गई दवा सही तरीके से ले रहा है या नहीं।
जिन कामों या इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर ज़्यादा सावधानी बरतनी होती है, वहां भी नियमों के तहत नशामुक्त माहौल बनाए रखने के लिए यह टेस्ट ज़रूरी हो सकता है। डॉक्टर उन मरीज़ों के लिए भी यह टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं, जो ऐसी दवाएं ले रहे हैं जिनके गलत इस्तेमाल का खतरा ज़्यादा होता है, जैसे दर्द निवारक ओपिओइड दवाएं, चिंता या नींद की दवाएं, और ADHD की दवाएं।
यूरिन ड्रग टेस्ट के नतीजों को कैसे समझें?
शुरुआती यूरिन ड्रग टेस्ट के नतीजे आम तौर पर कुछ मिनटों में मिल जाते हैं, या तो टेस्टिंग डिवाइस पर दिखने वाली रंगीन लाइन से या लैब की ऑटोमेटिक मशीन से। ये नतीजे, चाहे घर पर इस्तेमाल होने वाली किट से मिले हों, शुरुआती माने जाते हैं, अंतिम नहीं।
नेगेटिव नतीजे का मतलब है कि कोई नशीला पदार्थ नहीं मिला। इसका मतलब यह हो सकता है कि टेस्ट में शामिल पदार्थों का इस्तेमाल नहीं हुआ, या इस्तेमाल उस समय के बाहर हुआ जब वह पता चल सकता था, या दवा की मात्रा टेस्ट की पकड़ में आने लायक नहीं थी। अगर शुरुआती जांच में पॉज़िटिव नतीजा आता है, तो सैंपल को लैब भेजा जाता है, जहां सटीक तरीकों से दोबारा जांच करके ज़्यादा पक्के नतीजे दिए जाते हैं।
यूरिन ड्रग टेस्ट की तैयारी कैसे करें?
आम तौर पर ड्रग एब्यूज़ यूरिन टेस्ट से पहले किसी खास तैयारी की ज़रूरत नहीं होती। यह टेस्ट पहले से तय समय पर कराया जा सकता है, अचानक ज़रूरत पड़ने पर तुरंत कराया जा सकता है, या नौकरी से जुड़े नियमों के तहत नियमित रूप से कराया जा सकता है।
स्थिति के हिसाब से आपसे यह पूछा जा सकता है कि आप कोई डॉक्टर की बताई दवा, बिना पर्ची की दवा, या सप्लीमेंट ले रहे हैं या नहीं, ताकि इसकी जानकारी हेल्थकेयर प्रोवाइडर को दी जा सके। यूरिन ड्रग टेस्ट की कीमत लैब और ज़रूरी पैनल के प्रकार के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। मैक्स लैब में, यूरिन ड्रग टेस्ट उचित कीमत पर उपलब्ध है, साथ ही सुविधा के लिए घर से सैंपल लेने का विकल्प भी दिया जाता है।