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पल्स कितनी होनी चाहिए? सामान्य पल्स रेट

पल्स कितनी होनी चाहिए? सामान्य पल्स रेट

By - Max Lab

Updated on: Sep 29, 2026 | 17 min read

Table of Contents

    परिचय

    दिल की धड़कन शरीर की सेहत का एक आसान और भरोसेमंद संकेतक है, इसलिए बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि पल्स कितनी होनी चाहिए ताकि वे अपनी सेहत को बेहतर तरीके से समझ सकें। हार्ट बीट कितनी होनी चाहिए, यह सवाल अक्सर तब उठता है जब किसी को चक्कर, घबराहट या थकान महसूस होती है और वह अपनी नब्ज खुद चेक करना चाहता है। सीधी भाषा में कहें तो सामान्य पल्स रेट कितनी होती है, इसका जवाब ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए 60 से 100 प्रति मिनट के बीच रहता है, चाहे उम्र 25 साल हो या 65 साल। दिलचस्प बात यह है कि उम्र बढ़ने के साथ वयस्कों में यह सामान्य दायरा ज्यादा नहीं बदलता, बल्कि फिटनेस, तनाव, नींद और दवाइयां इसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। हालांकि बच्चों में यह दर वयस्कों से काफी ज्यादा होती है और उम्र बढ़ने के साथ धीरे-धीरे कम होती जाती है। पल्स रेट कितनी होनी चाहिए, यह जानना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि बहुत तेज या बहुत धीमी धड़कन किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकती है। एथलीट और नियमित व्यायाम करने वाले लोगों की पल्स रेट अक्सर सामान्य से कम, जैसे 50 के आसपास, पाई जाती है, जो उनके मजबूत दिल का संकेत है। इस लेख में हम पल्स रेट क्या होती है, उम्र के अनुसार सामान्य दायरा, आराम की स्थिति में सही पल्स, तेज और कम पल्स रेट के कारण, इसके लक्षण, घर पर पल्स चेक करने का तरीका, कब यह चिंता का विषय बनती है, और इसे सामान्य बनाए रखने के आसान उपायों के बारे में विस्तार से बताएंगे। कई बार लोग पल्स रेट और ब्लड प्रेशर को एक ही चीज समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग बातें बताते हैं - पल्स रेट सिर्फ धड़कनों की गिनती है, जबकि ब्लड प्रेशर धमनियों पर पड़ने वाला दबाव मापता है। यही वजह है कि सिर्फ पल्स रेट सामान्य होने का मतलब यह नहीं कि पूरा दिल स्वस्थ है, इसलिए नियमित जांच करवाते रहना भी जरूरी है।
     

    पल्स रेट क्या होती है?

    पल्स रेट यानी नब्ज की दर, यह बताती है कि आपका दिल एक मिनट में कितनी बार धड़कता है। हर धड़कन के साथ खून धमनियों में बहता है, जिसे कलाई या गर्दन पर उंगली रखकर महसूस किया जा सकता है।
     

    सामान्य पल्स रेट कितनी होनी चाहिए?

    ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए सामान्य पल्स रेट कितनी होती है, इसका जवाब है 60 से 100 बीट प्रति मिनट। इस दायरे के अंदर रहना सामान्य माना जाता है, और आराम के समय दर जितनी कम हो, उतना बेहतर माना जाता है क्योंकि यह दिल की मजबूत कार्यक्षमता दिखाता है। यह सामान्य दायरा पुरुष और महिला दोनों के लिए लगभग एक जैसा ही रहता है, हालांकि महिलाओं की पल्स रेट कई बार पुरुषों की तुलना में थोड़ी अधिक पाई जाती है।
     

    उम्र के अनुसार सामान्य पल्स रेट

    उम्र

    सामान्य पल्स रेट (प्रति मिनट)

    नवजात शिशु

    70-190

    शिशु (1-11 महीने)

    80-160

    1-2 साल

    80-130

    3-4 साल

    80-120

    5-6 साल

    75-115

    7-9 साल

    70-110

    10 साल और वयस्क (हर उम्र)

    60-100

    ध्यान दें कि 10 साल से ऊपर हर उम्र के वयस्क के लिए यह दायरा एक जैसा रहता है, उम्र बढ़ने से यह अपने आप नहीं बदलता।
     

    आराम की स्थिति में पल्स रेट कितनी होनी चाहिए?

    आराम की स्थिति में, यानी जब आप शांत बैठे या लेटे हों, पल्स रेट 60 से 100 के बीच सामान्य मानी जाती है। ज्यादातर स्वस्थ लोगों की आराम की पल्स 60 से 80 के बीच रहती है, जबकि नियमित व्यायाम करने वालों की पल्स इससे भी कम हो सकती है।
     

    तेज पल्स रेट के कारण

    तनाव, चिंता, बुखार, डिहाइड्रेशन, कैफीन या धूम्रपान के कारण पल्स रेट अस्थायी रूप से बढ़ सकती है। इसके अलावा थायरॉइड की समस्या, एनीमिया, दिल की बीमारी या संक्रमण भी तेज धड़कन का कारण बन सकते हैं।
     

    कम पल्स रेट के कारण

    नियमित व्यायाम और अच्छी फिटनेस के कारण एथलीटों की पल्स रेट स्वाभाविक रूप से कम होती है। इसके अलावा कुछ दवाइयां, थायरॉइड की कमी या दिल की विद्युत प्रणाली में गड़बड़ी भी पल्स रेट को असामान्य रूप से कम कर सकती है।
     

    पल्स रेट बढ़ने या घटने के लक्षण

    पल्स रेट असामान्य होने पर चक्कर आना, सांस फूलना, सीने में घबराहट, थकान और कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। कई बार बेहोशी जैसा महसूस होना भी इसका संकेत हो सकता है।
     

    घर पर पल्स रेट कैसे चेक करें?

    कलाई के अंदरूनी हिस्से पर दो उंगलियां रखें और 30 सेकंड तक धड़कन गिनें, फिर उसे 2 से गुणा कर लें। यह आराम की स्थिति में, बैठे या लेटे हुए करना सबसे सटीक रहता है।
     

    पल्स रेट कब चिंता का विषय होती है?

    अगर आराम की स्थिति में पल्स लगातार 100 से ज्यादा या 60 से कम रहे, और साथ में चक्कर, सांस फूलना या सीने में दर्द जैसे लक्षण भी हों, तो यह चिंता का विषय बन जाता है और डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है।
     

    पल्स रेट को सामान्य रखने के तरीके

    नियमित व्यायाम करें, पर्याप्त पानी पिएं, तनाव कम करें, अच्छी नींद लें और कैफीन-धूम्रपान से बचें। संतुलित खानपान और नियमित जांच से भी पल्स रेट को सामान्य बनाए रखने में मदद मिलती है।
     

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    पल्स कितनी होनी चाहिए? ज्यादातर वयस्कों के लिए 60-100 प्रति मिनट सामान्य है। क्या उम्र बढ़ने से पल्स रेट बदलती है? वयस्कों में यह दायरा उम्र के साथ ज्यादा नहीं बदलता। किसी भी असामान्य बदलाव की स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

    Frequently Asked Questions (FAQ's)

    ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए पल्स 60 से 100 बीट प्रति मिनट के बीच होनी चाहिए। यह दायरा उम्र, फिटनेस और सेहत की स्थिति के हिसाब से थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन सामान्य तौर पर इसी सीमा में रहना अच्छा माना जाता है।

    सामान्य पल्स रेट 60 से 100 प्रति मिनट मानी जाती है। ज्यादातर स्वस्थ लोगों की आराम की पल्स 60 से 80 के बीच रहती है, और यह दर जितनी कम हो, उतना ही यह दिल की अच्छी कार्यक्षमता का संकेत माना जाता है।

    नवजात शिशुओं में यह 70-190, शिशुओं (1-11 महीने) में 80-160, 1-2 साल में 80-130, 3-4 साल में 80-120, 5-6 साल में 75-115, और 7-9 साल में 70-110 के बीच होती है। 10 साल और उससे ऊपर की हर उम्र के लिए यह दायरा 60-100 पर स्थिर रहता है।

    नॉर्मल हार्ट रेट भी पल्स रेट जैसी ही होती है, क्योंकि दोनों दिल की धड़कनों की गिनती दर्शाते हैं। वयस्कों के लिए यह 60 से 100 प्रति मिनट के बीच सामान्य मानी जाती है।

    आराम की स्थिति में अगर पल्स लगातार 100 प्रति मिनट से ज्यादा रहे, तो इसे तेज पल्स रेट यानी टैकीकार्डिया माना जाता है। यह तनाव, बुखार या किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है।

    आराम की स्थिति में पल्स का लगातार 60 प्रति मिनट से कम रहना कम पल्स रेट यानी ब्रैडीकार्डिया माना जाता है। हालांकि एथलीटों और फिट लोगों में यह सामान्य भी हो सकता है।

    तनाव, चिंता, बुखार, डिहाइड्रेशन, कैफीन और धूम्रपान से पल्स रेट अस्थायी रूप से बढ़ सकती है। इसके अलावा थायरॉइड की समस्या, एनीमिया, दिल की बीमारी या संक्रमण भी इसके पीछे कारण हो सकते हैं।

    नियमित व्यायाम और बेहतर फिटनेस के कारण एथलीटों की पल्स रेट स्वाभाविक रूप से कम होती है। इसके अलावा कुछ दवाइयां, थायरॉइड की कमी या दिल की विद्युत प्रणाली में गड़बड़ी भी इसे कम कर सकती है।

    अगर आराम की स्थिति में पल्स लगातार 100 से ज्यादा या 60 से कम रहे, और साथ में चक्कर, सांस फूलना या सीने में दर्द जैसे लक्षण भी हों, तो यह चिंता का विषय बन जाता है और डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है।

    कलाई के अंदरूनी हिस्से पर दो उंगलियां रखें और 30 सेकंड तक धड़कनें गिनें, फिर उस संख्या को 2 से गुणा कर लें। यह जांच आराम की स्थिति में, बैठे या लेटे हुए करना सबसे सटीक परिणाम देता है।

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    Frequently Asked Questions (FAQ's)

    ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए पल्स 60 से 100 बीट प्रति मिनट के बीच होनी चाहिए। यह दायरा उम्र, फिटनेस और सेहत की स्थिति के हिसाब से थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन सामान्य तौर पर इसी सीमा में रहना अच्छा माना जाता है।

    सामान्य पल्स रेट 60 से 100 प्रति मिनट मानी जाती है। ज्यादातर स्वस्थ लोगों की आराम की पल्स 60 से 80 के बीच रहती है, और यह दर जितनी कम हो, उतना ही यह दिल की अच्छी कार्यक्षमता का संकेत माना जाता है।

    नवजात शिशुओं में यह 70-190, शिशुओं (1-11 महीने) में 80-160, 1-2 साल में 80-130, 3-4 साल में 80-120, 5-6 साल में 75-115, और 7-9 साल में 70-110 के बीच होती है। 10 साल और उससे ऊपर की हर उम्र के लिए यह दायरा 60-100 पर स्थिर रहता है।

    नॉर्मल हार्ट रेट भी पल्स रेट जैसी ही होती है, क्योंकि दोनों दिल की धड़कनों की गिनती दर्शाते हैं। वयस्कों के लिए यह 60 से 100 प्रति मिनट के बीच सामान्य मानी जाती है।

    आराम की स्थिति में अगर पल्स लगातार 100 प्रति मिनट से ज्यादा रहे, तो इसे तेज पल्स रेट यानी टैकीकार्डिया माना जाता है। यह तनाव, बुखार या किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है।

    आराम की स्थिति में पल्स का लगातार 60 प्रति मिनट से कम रहना कम पल्स रेट यानी ब्रैडीकार्डिया माना जाता है। हालांकि एथलीटों और फिट लोगों में यह सामान्य भी हो सकता है।

    तनाव, चिंता, बुखार, डिहाइड्रेशन, कैफीन और धूम्रपान से पल्स रेट अस्थायी रूप से बढ़ सकती है। इसके अलावा थायरॉइड की समस्या, एनीमिया, दिल की बीमारी या संक्रमण भी इसके पीछे कारण हो सकते हैं।

    नियमित व्यायाम और बेहतर फिटनेस के कारण एथलीटों की पल्स रेट स्वाभाविक रूप से कम होती है। इसके अलावा कुछ दवाइयां, थायरॉइड की कमी या दिल की विद्युत प्रणाली में गड़बड़ी भी इसे कम कर सकती है।

    अगर आराम की स्थिति में पल्स लगातार 100 से ज्यादा या 60 से कम रहे, और साथ में चक्कर, सांस फूलना या सीने में दर्द जैसे लक्षण भी हों, तो यह चिंता का विषय बन जाता है और डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है।

    कलाई के अंदरूनी हिस्से पर दो उंगलियां रखें और 30 सेकंड तक धड़कनें गिनें, फिर उस संख्या को 2 से गुणा कर लें। यह जांच आराम की स्थिति में, बैठे या लेटे हुए करना सबसे सटीक परिणाम देता है।

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