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हाई बीपी के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार | High BP Symptoms in Hindi

हाई बीपी के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार | High BP Symptoms in Hindi

By - Max Lab

Updated on: Sep 03, 2026 | 37 min read

Table of Contents

    हाई बीपी क्या है?

    हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) एक ऐसी स्थिति है जिसमें रक्तचाप सामान्य से अधिक हो जाता है। रक्तचाप वह दबाव है जो दिल से पंप होने वाले खून के कारण धमनियों की दीवारों पर पड़ता है। अगर हाई बीपी का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह धीरे-धीरे पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है और हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

    अच्छी बात यह है कि सही समय पर जांच, सही खानपान और अच्छी जीवनशैली अपनाकर हाई बीपी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।


    हाई बीपी के लक्षण क्या हैं? (बीपी हाई के लक्षण)

    कई लोग Google पर "हाई बीपी के लक्षण क्या हैं?", "High Blood Pressure Symptoms in Hindi" या "बीपी बढ़ने पर क्या होता है?" जैसे सवाल खोजते हैं। सच यह है कि कई बार हाई बीपी में शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। लेकिन जब रक्तचाप ज्यादा बढ़ जाता है, तब कुछ संकेत नजर आने लगते हैं।

    हाई बीपी के सामान्य लक्षण

    सिर में लगातार दर्द रहना

    बार-बार सिर दर्द होना हाई बीपी का एक सामान्य संकेत हो सकता है। अगर बिना किसी कारण के अक्सर सिर दर्द हो रहा है, तो ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करवाएं।

    चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना

    अचानक खड़े होने पर चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या बेहोशी जैसा लगना हाई बीपी का लक्षण हो सकता है।

    धुंधला दिखाई देना

    जब ब्लड प्रेशर ज्यादा बढ़ जाता है, तो आंखों की छोटी रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे चीजें धुंधली दिखाई दे सकती हैं।

    जल्दी थकान और कमजोरी होना

    थोड़ा सा काम करने पर भी थकान महसूस होना या शरीर में कमजोरी रहना भी हाई बीपी का संकेत हो सकता है।

    सांस लेने में परेशानी होना

    सीढ़ियां चढ़ने या थोड़ा चलने पर सांस फूलना भी बढ़े हुए ब्लड प्रेशर से जुड़ा हो सकता है।

    नाक से खून आना

    हाई बीपी के गंभीर मामलों में कभी-कभी नाक से खून भी आ सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    महत्वपूर्ण: यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण बार-बार दिखाई दे रहे हैं, तो बिना देरी किए अपना ब्लड प्रेशर टेस्ट करवाएं और डॉक्टर की सलाह लें।


    हाई बीपी क्यों होता है? (उच्च रक्तचाप के कारण)

    बहुत से लोग पूछते हैं "हाई बीपी क्यों होता है?", "बीपी बढ़ने का कारण क्या है?" या "High BP Causes in Hindi"। हाई बीपी किसी एक कारण से नहीं होता। कई छोटी-छोटी आदतें और स्वास्थ्य समस्याएं मिलकर इसका कारण बन सकती हैं।

    1. ज्यादा नमक और तला-भुना भोजन खाना

    अगर आप रोजाना ज्यादा नमक, पैकेट वाले स्नैक्स, फास्ट फूड या तला हुआ खाना खाते हैं, तो इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।

    2. अधिक वजन होना

    शरीर का वजन बढ़ने से दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे रक्तचाप बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।

    3. मानसिक तनाव

    हर समय चिंता, तनाव या गुस्से में रहने से शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है। इसका असर ब्लड प्रेशर पर भी पड़ता है।

    4. धूम्रपान और शराब का सेवन

    सिगरेट, तंबाकू और शराब रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे हाई बीपी होने की संभावना बढ़ जाती है।

    5. नियमित व्यायाम न करना

    जो लोग बिल्कुल भी शारीरिक गतिविधि नहीं करते, उनमें हाई बीपी का खतरा अधिक होता है।

    6. परिवार में हाई बीपी की समस्या होना

    अगर आपके माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य को हाई बीपी है, तो आपको भी इसका खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है।


    किन लोगों को हाई बीपी होने का खतरा ज्यादा होता है?

    कुछ लोगों में हाई बीपी होने की संभावना दूसरों की तुलना में अधिक होती है।

    • 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
    • जिनका वजन ज्यादा है
    • जो ज्यादा नमक खाते हैं
    • जो नियमित व्यायाम नहीं करते
    • जो धूम्रपान या शराब का सेवन करते हैं
    • जिनके परिवार में हाई बीपी की बीमारी है
    • जो लंबे समय तक तनाव में रहते हैं

    अगर आप इनमें से किसी भी श्रेणी में आते हैं, तो समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर जरूर चेक करवाएं।


    हाई बीपी होने पर क्या करें?

    अगर आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है, तो घबराएं नहीं। सबसे पहले आराम करें, तनाव कम करें और डॉक्टर की सलाह लें। केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें। समय पर जांच और सही इलाज से हाई बीपी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

    बीपी कंट्रोल करने के घरेलू उपाय (Blood Pressure High Hone Par Kya Khaye?)

    Google पर लोग अक्सर "बीपी कंट्रोल करने के घरेलू उपाय", "High BP Home Remedies in Hindi", "बीपी हाई होने पर क्या खाएं?" और "हाई बीपी कैसे कम करें?" जैसे सवाल पूछते हैं। यदि आपका ब्लड प्रेशर हल्का बढ़ा हुआ है, तो डॉक्टर की सलाह के साथ कुछ प्राकृतिक उपाय भी मदद कर सकते हैं। हालांकि, यदि बीपी लगातार अधिक रहता है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें।


    1. लहसुन का सेवन करें

    लहसुन हाई बीपी के लिए एक लोकप्रिय घरेलू उपाय माना जाता है। इसमें ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

    कैसे सेवन करें?

    • सुबह खाली पेट 1–2 लहसुन की कलियां खा सकते हैं।
    • यदि कच्चा लहसुन खाने में परेशानी हो, तो डॉक्टर की सलाह लेकर इसका सेवन करें।

    ध्यान दें: यदि आप ब्लड थिनर दवा लेते हैं, तो लहसुन का अधिक सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


    2. मेथी के बीज

    मेथी के बीज में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यह शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक हो सकते हैं।

    कैसे सेवन करें?

    • रात को एक चम्मच मेथी पानी में भिगो दें।
    • सुबह खाली पेट इसका पानी और भीगे हुए बीज खा सकते हैं।

    3. आंवला खाएं

    आंवला विटामिन C का अच्छा स्रोत है। यह शरीर और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

    कैसे सेवन करें?

    • रोजाना एक ताजा आंवला खा सकते हैं।
    • बिना चीनी वाला आंवले का रस भी लिया जा सकता है।

    4. धनिया और जीरा का पानी

    धनिया और जीरा का पानी भी कई लोग हाई बीपी में घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

    कैसे बनाएं?

    • एक गिलास पानी में एक-एक चम्मच जीरा और धनिया डालें।
    • इसे पूरी रात रहने दें।
    • सुबह छानकर खाली पेट पी लें।

    5. अजवाइन और शहद

    अजवाइन और शहद का मिश्रण भी पारंपरिक घरेलू उपायों में शामिल है।

    कैसे सेवन करें?

    • एक चम्मच अजवाइन पाउडर में एक चम्मच शहद मिलाएं।
    • सुबह और शाम थोड़ी मात्रा में लें।

    6. तुलसी और नीम के पत्ते

    तुलसी और नीम में कई प्राकृतिक गुण होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

    कैसे सेवन करें?

    • सुबह खाली पेट तुलसी और नीम के कुछ पत्ते चबा सकते हैं।
    • यदि किसी प्रकार की एलर्जी या स्वास्थ्य समस्या हो, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।

    बीपी तुरंत कम करने के घरेलू उपाय कौन से हैं?

    बहुत से लोग पूछते हैं "बीपी तुरंत कैसे कम करें?" या "High BP Emergency Home Remedy"। अगर आपका ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाए, तो सबसे पहले घबराएं नहीं। शांत रहें और नीचे दिए गए आसान उपाय अपनाएं।

    1. सिर और पैरों पर ठंडा पानी डालें

    हल्का ठंडा पानी डालने से शरीर को आराम मिल सकता है और तनाव कम महसूस हो सकता है।

    2. गहरी सांस लें

    3 से 5 मिनट तक धीरे-धीरे गहरी सांस लें। इससे मन शांत होता है और तनाव कम करने में मदद मिलती है।

    3. नमक वाला खाना तुरंत बंद करें

    जब तक ब्लड प्रेशर सामान्य न हो जाए, ज्यादा नमक, अचार, चिप्स और मसालेदार भोजन से बचें।

    4. नींबू पानी पिएं

    एक गिलास सादे पानी में नींबू मिलाकर पी सकते हैं। इसमें नमक और चीनी बिल्कुल न डालें।

    5. लहसुन या काली तुलसी

    एक कली लहसुन या कुछ काली तुलसी की पत्तियां चबाना भी कुछ लोगों के लिए लाभदायक माना जाता है।

    6. नारियल पानी या अनार का रस

    यदि डॉक्टर ने मना न किया हो, तो नारियल पानी या बिना चीनी वाला अनार का रस लिया जा सकता है।

    जरूरी बात: अगर इन उपायों के बाद भी ब्लड प्रेशर कम नहीं हो रहा है, या सिर दर्द, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


    हाई बीपी में क्या खाएं?

    यदि आप सोच रहे हैं "हाई बीपी में क्या खाना चाहिए?", तो अपने खाने में ये चीजें शामिल करें।

    खाने योग्य चीजें

    • ✔ हरी सब्जियां
    • ✔ ताजे फल
    • ✔ आंवला
    • ✔ कम नमक वाला भोजन
    • ✔ साबुत अनाज
    • ✔ दालें
    • ✔ पर्याप्त पानी

    हाई बीपी में क्या नहीं खाना चाहिए?

    हाई बीपी को नियंत्रित रखने के लिए कुछ चीजों से दूरी बनाना भी जरूरी है।

    इन चीजों से बचें

    • ❌ ज्यादा नमक
    • ❌ तला-भुना खाना
    • ❌ पैकेट वाले स्नैक्स
    • ❌ जंक फूड
    • ❌ धूम्रपान
    • ❌ शराब
       

    लाइफस्टाइल में बदलाव (उच्च रक्तचाप के लक्षण व उपचार)

    यदि आप Google पर "हाई बीपी कैसे कंट्रोल करें?", "उच्च रक्तचाप का इलाज क्या है?" या "बीपी कम करने के आसान तरीके" खोज रहे हैं, तो आपको यह जानना चाहिए कि केवल दवा या घरेलू उपाय ही काफी नहीं हैं। अच्छी जीवनशैली अपनाना भी उतना ही जरूरी है।


    1. रोजाना व्यायाम करें

    हर दिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलें, साइकिल चलाएं या हल्का व्यायाम करें। नियमित एक्सरसाइज से दिल मजबूत रहता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

    ध्यान रखें: यदि आपका बीपी बहुत ज्यादा रहता है, तो किसी भी नई एक्सरसाइज की शुरुआत डॉक्टर की सलाह से करें।


    2. योग और ध्यान करें

    तनाव हाई बीपी बढ़ाने का एक बड़ा कारण हो सकता है। इसलिए रोजाना 10–15 मिनट योग और ध्यान करने की आदत बनाएं। इससे मन शांत रहता है और शरीर को आराम मिलता है।


    3. संतुलित भोजन करें

    स्वस्थ रहने के लिए घर का ताजा और पौष्टिक भोजन खाएं।

    अपने खाने में शामिल करें:

    • ✔ हरी सब्जियां
    • ✔ ताजे फल
    • ✔ साबुत अनाज
    • ✔ दालें
    • ✔ कम नमक वाला भोजन

    कम करें:

    • ❌ ज्यादा नमक
    • ❌ तला-भुना भोजन
    • ❌ पैकेट वाला फूड
    • ❌ मीठे पेय पदार्थ

    4. पर्याप्त पानी पिएं

    दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर कई लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।


    5. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं

    धूम्रपान और शराब दोनों ही हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि आप हाई बीपी से बचना चाहते हैं या उसे नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो इन आदतों को छोड़ना सबसे अच्छा कदम है।


    6. अपना ब्लड प्रेशर नियमित जांचें

    कई लोगों को हाई बीपी होने के बाद भी कोई लक्षण महसूस नहीं होते। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करवाना बहुत जरूरी है। इससे बीमारी का जल्दी पता चल जाता है और इलाज समय पर शुरू किया जा सकता है।


    डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

    यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपाय करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

    • बार-बार बहुत तेज सिर दर्द होना
    • सीने में दर्द महसूस होना
    • सांस लेने में परेशानी होना
    • बार-बार चक्कर आना या बेहोशी
    • धुंधला दिखाई देना
    • नाक से बार-बार खून आना
    • ब्लड प्रेशर लगातार ज्यादा रहना

    महत्वपूर्ण: हाई बीपी को कभी भी नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और इलाज गंभीर बीमारियों से बचा सकता है।

    निष्कर्ष

    हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) एक सामान्य लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यदि इसे समय पर नियंत्रित नहीं किया जाए, तो यह हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की बीमारी जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

    सही खानपान, नियमित व्यायाम, तनाव कम करना, पर्याप्त पानी पीना और समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करवाना हाई बीपी को नियंत्रित रखने में मदद करता है। यदि आपके लक्षण गंभीर हैं या लंबे समय से बने हुए हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें।


    Max Lab आपकी कैसे मदद कर सकता है?

    यदि आपको हाई बीपी के लक्षण महसूस हो रहे हैं या आप अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच करवाना चाहते हैं, तो Max Lab आपकी मदद के लिए उपलब्ध है।

    Max Lab में आप विभिन्न ब्लड टेस्ट और हेल्थ चेकअप टेस्ट आसानी से बुक कर सकते हैं। समय पर जांच करवाने से कई स्वास्थ्य समस्याओं का जल्दी पता लगाया जा सकता है, जिससे सही समय पर इलाज शुरू करना आसान हो जाता है।

    Max Lab की सुविधाएं

    • ✔ आसान ऑनलाइन टेस्ट बुकिंग
    • ✔ घर से सैंपल कलेक्शन की सुविधा (जहां उपलब्ध हो)
    • ✔ सटीक और भरोसेमंद टेस्ट रिपोर्ट
    • ✔ समय पर डिजिटल रिपोर्ट

    याद रखें: नियमित हेल्थ चेकअप और डॉक्टर की सलाह के साथ सही जीवनशैली अपनाकर हाई बीपी को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।

    Frequently Asked Questions (FAQ's)

    साधारणतः इसका कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होता, इसलिए इसे “silent killer” कहा जाता है। फिर भी, कुछ लोग तेज़ सिरदर्द, साँस लेने में कठिनाई, धुंधली दृष्टि, या थकान का अनुभव कर सकते हैं।
     

    हां, बहुत से लोग—लगभग आधे—को पता नहीं होता कि उनका ब्लड प्रेशर उच्च है क्योंकि यह अक्सर बिना लक्षणों के होता है।
     

    नमक की अधिकता, अत्यधिक वजन, धूम्रपान, शराब, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता जैसे फैक्टर उच्च ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ाते हैं।
     

    स्वस्थ आहार (जैसे DASH/मेडिटेरेनियन), नियमित व्यायाम, नमक कम करना, और शराब से परहेज ब्लड प्रेशर को घटाने में प्रभावी होते हैं।

    जी हां। जब ब्लड प्रेशर बहुत ज़्यादा या अचानक बढ़ता है, तो थकावट और चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
     

    जब सिस्टोलिक ≥180 mm Hg या डायस्टोलिक ≥120 mm Hg हो, तो यह एक हायपरटेंसिव क्राइसिस माना जाता है। इस स्थिति में सिरदर्द, चक्कर, सांस की तकलीफ, दृष्टि बदलना या मिचली जैसे लक्षण हो सकते हैं।
     

    सही तकनीक में आराम से बैठना, पांव जमीन पर, बाजू को हृदय स्तर पर रखना और शांत वातावरण में मापना शामिल है।
     

    कायमिक जोखिम (जैसे हृदय, मस्तिष्क, गुर्दे) और जानलेवा स्थितियों से बचने के लिए नियमित BP मॉनिटरिंग महत्वपूर्ण है।
     

    लक्षण पुरुषों और महिलाओं में आमतौर पर समान होते हैं, लेकिन गर्भावस्था, मेनोपॉज और गर्भनिरोधक गोलियाँ जैसे फैक्टर्स महिलाओं में जोखिम बढ़ा सकते हैं।
     

    यदि तेज़ सिरदर्द, दृष्टि में बदलाव, सीने में दर्द, साँस लेने में मुश्किल जैसी गंभीर लक्षण हों, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

    अगर अचानक बीपी बढ़ जाए, तो इन घरेलू उपायों को अपनाएं:

    • ठंडा पानी सिर और पैरों पर डालें
       
    • गहरा सांस लें और 5 मिनट तक ध्यान करें
       
    • नमक और मसाले वाले भोजन से बचें
       
    • नींबू पानी पिएं (बिना नमक और चीनी के)
       
    • काली तुलसी या लहसुन की एक कली चबाएं
       
    • नारियल पानी या अनार का रस लें

    यहाँ बीपी की सामान्य श्रेणियां दी गई हैं:

    • सामान्य रक्तचाप (Normal BP): 120/80 mmHg से कम. 
    • उच्च रक्तचाप चरण 1 (Hypertension Stage 1): 140-159/90-99 mmHg. 
    • उच्च रक्तचाप चरण 2 (Hypertension Stage 2): 160/100 mmHg या उससे अधिक. 
    • लो ब्लड प्रेशर (Low BP) / हाइपोटेंशन: 90/60 mmHg से कम. 

     

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    Frequently Asked Questions (FAQ's)

    साधारणतः इसका कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होता, इसलिए इसे “silent killer” कहा जाता है। फिर भी, कुछ लोग तेज़ सिरदर्द, साँस लेने में कठिनाई, धुंधली दृष्टि, या थकान का अनुभव कर सकते हैं।
     

    हां, बहुत से लोग—लगभग आधे—को पता नहीं होता कि उनका ब्लड प्रेशर उच्च है क्योंकि यह अक्सर बिना लक्षणों के होता है।
     

    नमक की अधिकता, अत्यधिक वजन, धूम्रपान, शराब, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता जैसे फैक्टर उच्च ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ाते हैं।
     

    स्वस्थ आहार (जैसे DASH/मेडिटेरेनियन), नियमित व्यायाम, नमक कम करना, और शराब से परहेज ब्लड प्रेशर को घटाने में प्रभावी होते हैं।

    जी हां। जब ब्लड प्रेशर बहुत ज़्यादा या अचानक बढ़ता है, तो थकावट और चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
     

    जब सिस्टोलिक ≥180 mm Hg या डायस्टोलिक ≥120 mm Hg हो, तो यह एक हायपरटेंसिव क्राइसिस माना जाता है। इस स्थिति में सिरदर्द, चक्कर, सांस की तकलीफ, दृष्टि बदलना या मिचली जैसे लक्षण हो सकते हैं।
     

    सही तकनीक में आराम से बैठना, पांव जमीन पर, बाजू को हृदय स्तर पर रखना और शांत वातावरण में मापना शामिल है।
     

    कायमिक जोखिम (जैसे हृदय, मस्तिष्क, गुर्दे) और जानलेवा स्थितियों से बचने के लिए नियमित BP मॉनिटरिंग महत्वपूर्ण है।
     

    लक्षण पुरुषों और महिलाओं में आमतौर पर समान होते हैं, लेकिन गर्भावस्था, मेनोपॉज और गर्भनिरोधक गोलियाँ जैसे फैक्टर्स महिलाओं में जोखिम बढ़ा सकते हैं।
     

    यदि तेज़ सिरदर्द, दृष्टि में बदलाव, सीने में दर्द, साँस लेने में मुश्किल जैसी गंभीर लक्षण हों, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

    अगर अचानक बीपी बढ़ जाए, तो इन घरेलू उपायों को अपनाएं:

    • ठंडा पानी सिर और पैरों पर डालें
       
    • गहरा सांस लें और 5 मिनट तक ध्यान करें
       
    • नमक और मसाले वाले भोजन से बचें
       
    • नींबू पानी पिएं (बिना नमक और चीनी के)
       
    • काली तुलसी या लहसुन की एक कली चबाएं
       
    • नारियल पानी या अनार का रस लें

    यहाँ बीपी की सामान्य श्रेणियां दी गई हैं:

    • सामान्य रक्तचाप (Normal BP): 120/80 mmHg से कम. 
    • उच्च रक्तचाप चरण 1 (Hypertension Stage 1): 140-159/90-99 mmHg. 
    • उच्च रक्तचाप चरण 2 (Hypertension Stage 2): 160/100 mmHg या उससे अधिक. 
    • लो ब्लड प्रेशर (Low BP) / हाइपोटेंशन: 90/60 mmHg से कम. 

     

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