फाइलेरियासिस एक ट्रॉपिकल परजीवी (parasitic) इंफेक्शन है, जो फाइलेरियल वर्म्स की वजह से होता है, और यह मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता है। ये परजीवी मुख्य रूप से लिम्फेटिक सिस्टम पर हमला करते हैं, जो शरीर से गंदगी निकालने और इम्यून फंक्शन को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाता है। अगर इसका इलाज न करवाया जाए, तो इस सिस्टम को नुकसान पहुंचने से गंभीर सेहत से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।
फाइलेरियल इंफेक्शन की पहचान करने के लिए, ऐसे डायग्नोस्टिक टेस्ट किए जाते हैं जो परजीवी के प्रति शरीर के इम्यून रिस्पॉन्स का पता लगाते हैं। फाइलेरियल एंटीजन टेस्ट का इस्तेमाल ब्लड में फाइलेरियल इंफेक्शन के मार्कर का पता लगाने के लिए किया जाता है, जैसे सर्कुलेटिंग फाइलेरियल एंटीजन, जो फाइलेरियल वर्म्स के जवाब में इम्यून सिस्टम द्वारा बनाए जाते हैं। यह टेस्ट फाइलेरियासिस को डायग्नोस करने में एक अहम भूमिका निभाता है, जो एक परजीवी बीमारी है जो लिम्फेटिक सिस्टम को प्रभावित करती है और अगर जल्दी पता न चले तो और गंभीर हो सकती है।
यह टेस्ट माइक्रोफाइलेरिया या लिम्फेटिक फाइलेरियासिस से जुड़े एंटीजन की मौजूदगी को पहचानने में मदद करता है। चूंकि माइक्रोफाइलेरिया की संख्या रात के समय ब्लड में ज्यादा होती है, इसलिए बेहतर डिटेक्शन के लिए अक्सर ब्लड सैंपल रात के समय लिया जाता है। कुछ मामलों में, डायग्नोसिस को सपोर्ट करने के लिए एंटीफाइलेरियल एंटीबॉडी, जैसे IgG4, का बढ़ा हुआ लेवल भी पहचाना जा सकता है।
अगर फाइलेरियासिस का समय पर इलाज न किया जाए, तो इससे काइल्यूरिया, हाइड्रोसील, लिम्फेडिमा और एलिफेंटियासिस जैसी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं। इस टेस्ट को Max Lab के जरिए आसानी से ऑनलाइन बुक किया जा सकता है, जहां मरीज आगे बढ़ने से पहले फाइलेरियल एंटीजन टेस्ट की कीमत भी चेक कर सकते हैं। मरीजों के पास सुविधाजनक और सुरक्षित घर बैठे सैंपल कलेक्शन के साथ फाइलेरियल एंटीजन टेस्ट सर्विस बुक करने का ऑप्शन भी है।
फाइलेरियल एंटीजन टेस्ट कब करवाने की सलाह दी जाती है?
फाइलेरियासिस का सही इलाज और लंबे समय तक चलने वाली दिक्कतों के रिस्क को कम करने के लिए, फाइलेरियल एंटीजन ब्लड टेस्ट के जरिए समय पर डायग्नोसिस करना बहुत जरूरी है। डॉक्टर आमतौर पर तब यह टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं, जब व्यक्ति में ऐसे संकेत या लक्षण दिखें जो फाइलेरियल इंफेक्शन की तरफ इशारा करते हों। इस टेस्ट की सलाह देने की वजह बनने वाले कुछ आम लक्षण इस प्रकार हैं:
एडवांस स्टेज में, यह इंफेक्शन हाथ-पैरों में गंभीर सूजन, स्किन का मोटा होना या उस पर गड्ढे जैसे निशान बनना, और जननांगों के आकार में बढ़ोतरी जैसी दिक्कतें पैदा कर सकता है।
फाइलेरियल एंटीजन टेस्ट के रिजल्ट को कैसे समझें?
रिजल्ट को समझने से आप अपने डॉक्टर के साथ रिजल्ट को ज्यादा सही और भरोसे के साथ डिस्कस कर पाएंगे। फाइलेरियल एंटीजन का पॉजिटिव टेस्ट रिजल्ट ब्लड में फाइलेरियल एंटीजन की मौजूदगी को दिखाता है, जो एक एक्टिव फाइलेरियल इंफेक्शन की तरफ इशारा करता है। निगेटिव रिजल्ट का मतलब आमतौर पर होता है कि टेस्ट के समय कोई इंफेक्शन नहीं मिला। हालांकि, कई बार फाइंडिंग्स को कंफर्म करने के लिए कुछ और डायग्नोस्टिक टेस्ट करवाने की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि फॉल्स-पॉजिटिव या फॉल्स-निगेटिव रिजल्ट आने की संभावना भी होती है।
फाइलेरियल एंटीजन टेस्ट के लिए कैसे तैयारी करें?
ज्यादातर मामलों में, फाइलेरियल एंटीजन टेस्ट से पहले किसी खास तैयारी की जरूरत नहीं होती, और जब तक हेल्थकेयर प्रोफेशनल कोई खास सलाह न दें, तब तक फास्टिंग की भी जरूरत नहीं होती। इस टेस्ट को Max Lab के जरिए ऑनलाइन बुक किया जा सकता है, जहां मरीज पहले से फाइलेरियल एंटीजन टेस्ट की कीमत भी चेक कर सकते हैं। सुविधा के लिए घर बैठे सैंपल कलेक्शन की सुविधा भी उपलब्ध है। ब्लड कलेक्ट होने के बाद, सैंपल को लैबोरेटरी एनालिसिस के लिए भेजा जाता है। दोपहर 2:00 बजे से पहले लिए गए सैंपल की रिपोर्ट उसी दिन मिल जाती है; वहीं, रात 7:00 बजे के बाद लिए गए सैंपल की रिपोर्ट अगले दिन सुबह 10:00 बजे के बाद मिलती है। रिजल्ट को ऑनलाइन या लैब से चेक किया जा सकता है।