फंगल कल्चर टेस्ट एक डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिसका इस्तेमाल शरीर में फंगल इंफेक्शन का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह टेस्ट इंफेक्शन का कारण बनने वाले फंगस के खास टाइप की पहचान करने में मदद करता है, जिससे मरीज को सबसे सही इलाज मिल सके। Max Lab से एक सही कीमत वाला फंगल कल्चर टेस्ट आसानी से बुक किया जा सकता है।
फंगल कल्चर टेस्ट के बारे में जानकारी
फंगस पौधों जैसी जीव-आकृतियां हैं, जो हवा, मिट्टी और पौधों सहित हर जगह मौजूद होती हैं। आमतौर पर, अगर कोई व्यक्ति हेल्दी है, तो फंगस उसे बीमार नहीं करते। हालांकि, कई तरह के फंगस हल्के से लेकर जानलेवा तक के इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं।
फंगल कल्चर टेस्ट शरीर में मौजूद फंगल इंफेक्शन के टाइप की पहचान करने में मदद करता है। फंगल कल्चर टेस्ट की प्रोसेस में, शरीर के इंफेक्टेड हिस्से जैसे स्किन, नाखून, बाल या बॉडी फ्लुइड से सैंपल लिया जाता है, फिर इसे एक कंट्रोल्ड माहौल में रखा जाता है, ताकि फंगस को बढ़ने का मौका मिल सके। इसके बाद, कल्चर किए गए फंगस को माइक्रोस्कोप से जांचा जाता है, ताकि यह पता चल सके कि इंफेक्शन किस तरह के फंगस की वजह से हो रहा है।
आमतौर पर फंगल इंफेक्शन के दो बड़े टाइप होते हैं:
सुपरफिशियल फंगल इंफेक्शन: यह फंगल इंफेक्शन शरीर की सतह को प्रभावित करता है, जिसमें स्किन, जननांग (genital) एरिया और नाखून शामिल हैं। यह इंफेक्शन गंभीर नहीं होता, लेकिन काफी आम होता है। सुपरफिशियल फंगल इंफेक्शन के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं:
सिस्टेमिक फंगल इंफेक्शन: यह फंगल इंफेक्शन शरीर के अंदरूनी टिशू को प्रभावित करता है, जिसमें फेफड़े, ब्लड और दिमाग जैसे दूसरे अंग शामिल हैं। अगर इंफेक्शन एक साथ शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करता है, तो इसे "सिस्टेमिक इंफेक्शन" कहा जाता है। सिस्टेमिक फंगल इंफेक्शन के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं:
-
एस्परजिलोसिस
-
हिस्टोप्लाज्मोसिस
-
न्यूमोसिस्टिस निमोनिया
-
स्पोरोथ्रिक्स शेंकाई
फंगल कल्चर टेस्ट एक डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिसका इस्तेमाल शरीर में फंगल इंफेक्शन का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह टेस्ट इंफेक्शन का कारण बनने वाले फंगस के खास टाइप की पहचान करने में मदद करता है, जिससे मरीज को सबसे सही इलाज मिल सके।
फंगल कल्चर टेस्ट कब करवाने की सलाह दी जाती है?
अगर किसी व्यक्ति में फंगल इंफेक्शन के लक्षण दिख रहे हों, तो डॉक्टर स्पुटम फंगल कल्चर टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। लक्षण व्यक्ति को हुए इंफेक्शन के टाइप और वो कहां हो रहा है, इसके हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं:
-
बाल झड़ना
-
वजाइनल यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण (खुजली या वजाइना से डिस्चार्ज होना)
-
नाखूनों का मोटा या भंगुर (brittle) होना
-
नाखूनों का रंग बदलना (भूरा, पीला या सफेद)
-
स्किन में खुजली होना
-
स्किन का पपड़ीदार (scaly) या फटना
-
लाल रैश होना
गंभीर फंगल इंफेक्शन के संकेतों में शामिल हैं:
इन लक्षणों के अलावा, स्पुटम फंगल कल्चर टेस्ट उन लोगों को भी सुझाया जा सकता है, जिनमें इंफेक्शन का रिस्क ज्यादा होता है, जैसे कीमोथेरेपी करवा रहे लोग, ऑर्गन ट्रांसप्लांट करवाने वाले लोग, या ऐसा इलाज करवा रहे लोग जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। यह टेस्ट क्रॉनिक या बार-बार होने वाले फंगल इंफेक्शन वाले मरीजों में इंफेक्शन को मॉनिटर करने में भी मदद कर सकता है।
टेस्ट रिपोर्ट में कितना समय लगता है + आगे क्या करें
पूरे देश में लैब्स के बड़े नेटवर्क के साथ, फंगल कल्चर लैब टेस्ट करवाने के लिए Max Lab सबसे अच्छी जगह है। Max Lab पर फंगल कल्चर टेस्ट बुक करने के लिए, आप हमारी ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं और अपने नजदीकी लैब लोकेशन पर अपॉइंटमेंट शेड्यूल कर सकते हैं। हमारे फंगल कल्चर टेस्ट की कीमत भी काफी सही है, ताकि जिन्हें जरूरत हो, उन सभी को अच्छी हेल्थकेयर आसानी से मिल सके।
सैंपल कलेक्ट होने के बाद, फंगल कल्चर टेस्ट की रिपोर्ट कुछ हफ्तों के अंदर तैयार हो जाती है। इस रिपोर्ट को सीधे Max Lab से कलेक्ट किया जा सकता है, या हमारी वेबसाइट से आसानी से डाउनलोड भी किया जा सकता है।
फंगल कल्चर टेस्ट का पॉजिटिव रिजल्ट होने का मतलब है कि शरीर में फंगल इंफेक्शन मौजूद है, जबकि निगेटिव रिजल्ट का मतलब है कि सैंपल में कोई फंगस नहीं मिला। हालांकि, फंगल कल्चर टेस्ट की रिपोर्ट को डॉक्टर के साथ जरूर डिस्कस करना चाहिए, जो इसे आपकी मेडिकल हिस्ट्री और दूसरे डायग्नोस्टिक टेस्ट के साथ मिलाकर समझेंगे, और आगे के इलाज के ऑप्शन भी सुझाएंगे।